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जांगडगुत्ता : पॉलटिक्स की झप्पी...

Published On: Jul 22 2018 11:53AM | Last Updated: Jul 22 2018 11:53AM



औरंगाबाद : प्रदीप भागवत 

चाहे कोई मुझे पप्पू कहें,कहेनेदोजी कहेता रहें... असे रिमिक्स केलेले गाणे गळा फाडून गातच सर्किट एका सर्किट हाऊसमध्ये घुसला. तेथे आधीच मुन्‍नाभाई तोंडावर टोपी ठेवून घोरत पडलेला. पुढे...

सर्किट (मुन्‍नाभाईला गदागदा हलवत) : उठो भाई, उठो... उधर क्या हंगामा होरेला हैं और तुम यहाँ पडेले हो...

मुन्‍नाभाई (टोपी बाजूला करीत) : अबे सर्किट, हंगामा क्यों है बरपा, चोरी तो नहीं की हैं, डाका तो नहीं डाला हैं....

सर्किट : लगता है भाई आपके सपनें में गुलाम अली साहब आ गए. उघडा डोळे पहा नीट.

मुन्‍नाभाई : अबे, अब क्या देखने का?

सर्किट : भाई बोले तो उधर संसदकी तरफ देखो. क्या तुफानी कॉमेडी होरेली वहाँ... उसपे पिक्‍चर निकली ना तो अपने मुन्‍नाभाई सिरीजसे भी हिट हो जाएगी. लेकिन एक गडबड हो गई...
मुन्‍नाभाई : अब सिधी तरह से बताता है के दूँ एक जादू की झप्पी...

सर्किट : वोईच तो बता रहाँ हूँ ना भाई. जादू की झप्पी...आपको कितनी बार बोला जादू की झप्पी का पेटंट करवा लो. लोकिन नहीं लिया. अब कोई भी किसको भी जादू की झप्पी देरेला है फ्री में. वहाँ लोकसभा में भी....

मुन्‍नाभाई (ताडकन उठत) : फिर पॉलटिक्स... मेरी झप्पी का भी पॉलटिक्स. अरे ए पॉलटिक्स मेरा पीछा कब छोडेगा...

सर्किट : वो तो मालूम नहीं लिकिन कल टीव्हीपे नो काँन्फिडेंस मोशन देखने में जो एंटरटेनमेंट हुआ उसका जवाब नहीं. फुल टू कॉमेडी भाय.

मुन्‍नाभाई : कौन सा मोशन बोला तू? स्लो मोशन?

सर्किट : क्या मुन्‍नाभाई...खुद एमबीबीएस होके भी तुमको नो काँन्फिडेंस मोशन मालूम नहीं. वो जाने दो, भाई लेकिन अब हर कोई किसी को भी जादू की झप्पी देगा, इसकी फॅशनीच आजाएगी. अपुन पेटंट लेते तो थोडी कमाई हो जाती, बैठे बैठे... और वो आँख मारने का ड्रामा तो पूछोंच मत भाई. औल इंडिया आँख मार संघटनेकी प्रिया वॉरियरने भी ये कल की लोकसभावाली आँख मार इव्हेंट को थम्ब्सअप कर दिया हैं बोलते...

मुन्‍नाभाई : इसकी.......आँख. ये तो भोतीच हो गया रे...

सर्किट : वो अपने जितूभाई गाणा गाते थे ना... एक आँख मारूं तो... उससेभी ए हिट हैं भाई. लेकिन एक बात समझ नहीं आरी भाई. वो टिवटर और फेसबुक, व्हॉटसअपपे लोगा माथापच्ची कररे. कोई बोलरा झप्पी भारी पडी, कोई बोलरा झप्पी उलटी पडी...अपुनका तो भेजाफ्राय होगया. भाई, ये सोशल मीडिया के मेसेज पढे ना तो दिमागीच काम नहीं करता...

मुन्‍नाभाई : अबे सर्किट इसकोच तो पॉलटिक्स बोलते...